Is Sheher Ne Baarish Ko Nahi Bhula

इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

गर्मी से रिहाई का, बोझ उतारना नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

बादलों के आशीर्वाद का, शुक्रिया अदा करना नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

चहेरे पे पड़ती बूँदो का, मज़ा लूटना नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

काग़ज़ की नैया को, इठलाते देख हसना नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

गर्म चाए और पकोडे का, स्वाद अब तक नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

बरसते हुए पानी मे, यादें बरसाना नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

गीली मिट्टी की खुश्बू को, महसूस करना नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

कंबल ओढकर सोने का, सुकून अब तक नही भूला| इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

इस शहेर ने बारिश को नही भूला!

– Vishvaraj Chauhan (Funadrius)

#Poetry #HindiPoetry #blog #Rain #Hindi #Baarish

Recent Posts

See All

Rescue Dogs

Videos of dogs being rescued have become the smile providers I need at times. But it also fuels in me a great curiosity.

Sorry if I'm sorry

Apologising is one of the basic manners taught to children in school, told to be used frequently, and advised to be taken in unconditionally

©2019 by Halfway To Asphodel.